सोच की सपना क्यों पूरा नहीं होता हिम्मत वालो का इरादा कभी अधुरा नहीं होता जिस इंसान के कमत र्म अच्छे होते है उस के जीवन में कभी अँधेरा नहीं होता . हम सभी अपने आस पास देखते हैं तो कुछ लोग बहुत सफल हैं और कुछ उसके लिये हाथ पाव मार रहे हैं लेकिन उनको सफलता नही मिल रही है……क्या कभी आपने इसका कारण जानने की कोशिष की है…..कि वह सफल क्यो है…

मत सोच की तेरा
        सपना क्यों पूरा नहीं होता
हिम्मत वालो का इरादा
         कभी अधुरा नहीं होता
जिस इंसान के कर्म
                 अच्छे होते है
उस के जीवन में कभी
             अँधेरा नहीं होता

हम सभी अपने आस पास देखते हैं तो कुछ लोग बहुत सफल हैं और कुछ उसके लिये हाथ पाव मार रहे हैं लेकिन उनको सफलता नही मिल रही है……क्या कभी आपने इसका कारण जानने की कोशिष की है…..कि वह सफल क्यो है….
दोस्तो यह फर्क वाँकी कुछ नही बस मात्र आपकी “चाहत और जरूरत” ( Need and Want ) का है
आपकी चाहत ( Want) है कि सफल होना …..और वह कहते हैं कि हमारी जरूरत ( Need) है सफल होना…….
जैसे आजकल भंयकर गर्मी पड रही है उस दौरान आपकी चाहत होती है कि कास AC लगा होता तो कितना मजा आता यह है चाहत…….लेकिन पंखा लगा है तो काम चल रहा है….
और आप जानते हैं कि यह पंखा तो निहायत जरूरी है अगर आपको कमरे मे रहना है रात काटनी है दिन मे बच्चो को रखना है तो यह पंखा आपकी जरूरत हो गयी क्योकि इससे कम मे तो कुछ होगा ही नही इस पर कोई समझौता नही है…..इसके लिये तो कुछ भी करना पडे लेकिन ले कर रहगे…..कमरे मे लगा कर रहगे…
इसी तरह आप नौकरी करते हैं क्योकि वह आपकी जरूरत है…आपको पता है इसके बिना चलेगा नही…..इसलिये उसके लिये कुछ भी करने को तैयार रहते हैं…कुछ भी का मतलब कुछ भी है….मै उसकी तह मे जाना नही चाहता..आप सब समझते ही हैं….
लेकिन वेस्टीज को आपने चाहत की श्रेणी मे रखा हुआ है….AC  की तरह…. कास हो जाता तो …..लाख रूपये महीना आ जाता …तो कितना अच्छा होता..कास गाडी आ जाती तो कितना अच्छा होता…धूप पानी से बचते…कास विदेश घूमने जाता तो कितना अच्छा होता….लगजरी लाइफ जीता तो .क्या जिन्दगी होती….यह आपकी केवल चाहत है….।
मेरे दोस्तो जिस दिन आपने अपनी इस चाहत को अपनी जरूरत मे बदल दिया उस दिन देखना आप कैसे सफल होते हैं … आप इसे अपनी जरूरत बनालो कि इससे कम मे तो चलेगा ही नही….ये तो चाहिये ही चाहिये…पंखे की तरह…इसके बिना तो जेठ या कहो जून की भरी दुपहरी मे कमरे मे रहना ही सम्भव नही है….फिर देखो खेल
और जितने भी सफल लोगो को आप देखते हो..उन सबने ने इसे अपनी जरूरत बनाया है चाहत नही इसलिये वह सफल हैं
अगर आपको सफलता चाहिये…तो अपनी चाहत ( Want )  को अपनी जरूरत ( Need ) मे बदलो….सफलता अपने आप आने लगेगी….
Wish  you Wellth

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